Back to home
First Light on Our Hands
Acoustic

First Light on Our Hands

Ajay KadyanAjay Kadyan
0 likes2 plays0:42
Style: Orchestral, male vocal, piano, guitar, happy, romantic
Learn to sing thisKaraoke with live pitch — get a score on every lineSing →

PRO & Creator Features

Unlock advanced AI features with Pro (Audio2Audio, Voice Clone, Photo Covers, LoRA) or Creator (Variations, Edit Sections, Stem Separation).

Audio2Audio Remix

Pro & Creator

Voice Clone

Pro & Creator

Create Variations

Creator only

Edit Sections

Creator only

Stem Separation

Creator only

Lyrics

▶ Play this song to follow along.

Intro

ना जाने किस जन्म का रिश्ता है तुझसे,

मिलते ही दिल ने तुझे अपना माना।

जैसे सदियों से जानते हों एक-दूजे को,

जैसे तू ही थी मेरी, और मैं था तेरा पुराना।

दो साल से ज्यादा का ये सफ़र है हमारा,

पर लगता है जैसे सदियों का साथ है।

तेरी हँसी में अपना सुकून मिलता है,

तेरे साथ ही तो मेरे दिल की हर बात है।

पहला अंतरा — पहली मुलाकात

पहली मुलाकात में ही दिल ने जाना,

तू ही है जिसे मैंने अपना है माना।

कुछ तो था उस पल में खास,

बिन कहे समझ गए थे दिल की बात।

ना कोई वादा, ना कोई कहानी,

बस दिल ने लिख दी अपनी ज़िंदगानी।

तू मिली तो लगा जैसे मिल गया,

जिसे ढूँढ रहा था ये दिल पुराना।

Rachita… तू सिर्फ़ प्यार नहीं,

मेरी जिंदगी का वो हिस्सा है,

जिसे शायद मैंने इस जन्म में पाया,

पर रिश्ता तुझसे जन्मों पुराना है।

दूसरा अंतरा — वो बाइक वाला दिन

याद है वो दिन, बाइक पर साथ थे हम,

रास्ते में बातें और दिल में थे ग़म।

पता नहीं कैसे वो बात निकल आई,

दिल ने सीधे शादी की बात बताई।

ना कोई घुटने पर बैठा, ना फूलों का हार,

बस दिल से निकला था एक सच्चा इज़हार—

“क्या तुम मेरे साथ पूरी जिंदगी चलोगी?”

और तेरी हाँ ने मेरी दुनिया बदल दी।

वो छोटा सा पल, वो छोटी सी बात,

बन गई हमारी पूरी जिंदगी की शुरुआत।

मुखड़ा

Rachita… तू मेरा आज, तू मेरा कल,

तेरे साथ ही खूबसूरत मेरा हर पल।

तू हाथ थाम ले तो डर कैसा,

तेरे साथ हो तो सफ़र कैसा।

तू मिले तो घर जैसा लगता है,

तेरे बिना दिल थोड़ा खाली लगता है।

ना जाने क्या रिश्ता है तुझसे मेरा,

बस इतना जानूँ—तू है तो मैं हूँ मेरा।

तीसरा अंतरा — हमारे सपने

आज नौकरी है, कल अपना काम होगा,

मेहनत से अपना भी एक नाम होगा।

एक छोटा सा घर होगा अपना,

जहाँ हर सुबह तेरा चेहरा होगा सपना।

एक अपनी car होगी, लंबे सफ़र होंगे,

तेरे साथ बिताए खूबसूरत पल होंगे।

तुझे car चलाना मैं खुद सिखाऊँगा,

हर मोड़ पर तेरा साथ निभाऊँगा।

तेरी पहली drive में मैं साथ रहूँगा,

तू घबराएगी तो प्यार से कहूँगा—

“डर मत Rachita, मैं साथ हूँ,

ये रास्ता भी हमारा है, ये सफ़र भी हमारा है।”

चौथा अंतरा — उसके सपने

तू accountant है, मैं design बनाता हूँ,

अपने-अपने सपनों को साथ सजाता हूँ।

तेरी law की पढ़ाई चलती रहे,

तेरी आँखों में जो सपना है, वो पलता रहे।

एक दिन तू judge बनेगी,

अपने नाम से दुनिया तुझे जानेगी।

उस दिन सबसे ज्यादा खुश मैं होऊँगा,

तेरी सफलता पर सबसे ज्यादा नाज़ मैं करूँगा।

तेरी किताबों में जितने सपने हैं,

उन सबका मैं साथी बनना चाहता हूँ।

तू जितना ऊपर उड़ना चाहे,

मैं उतना ही तेरा आसमान बनना चाहता हूँ।

Bridge — हमारा अपना संसार

तेरी दुनिया में मे

Comments(0)

Sign in to join the conversation.

No comments yet. Be the first to comment!