
PRO & Creator Features
Unlock advanced AI features with Pro (Audio2Audio, Voice Clone, Photo Covers, LoRA) or Creator (Variations, Edit Sections, Stem Separation).
Audio2Audio Remix
Pro & Creator
Voice Clone
Pro & Creator
Create Variations
Creator only
Edit Sections
Creator only
Stem Separation
Creator only
Lyrics
▶ Play this song to follow along.
ओ डंकों… ओ डंकों…
बाजे म्हारा रवसा भाटी को,
शिव री धरती बोल उठी रे,
सुण लो आज कहानी न्यारी।
मुखड़ा
लठ गाड़ दिया मेरी जान,
पूरे राजस्थान में तेरी पहचान,
शिव री धरती की हो तुम शान,
दुनिया करे तुझे सलाम।
अंतरा एक
शिव री धरती रेत उड़ावें,
पूरे राजस्थान में नाम गूंजावे,
ढोल बाजे, बाजे तालियां,
रवसा रो नाम शिव नगरी में गूंजे।
अंतरा दो
रेतां री धरती, रंग निराला,
लोकां री बोली सबसे प्यारी,
शिव विधानसभा की धरती पर,
रवसा भाटी नाम है जारी।
अंतरा तीन
डंका बाजे, नगाड़ा बाजे,
गूंजे गांवां री गलियां,
राजस्थानी लोकधुन छेड़े,
ताल मिलावें सारी टोलियां।
अंतरा चार
थारो नाम जब गीतां में आवे,
ढोलक अपनी ताल सुनावे,
शिव री माटी, शिव री बोली,
अपणी कहानी खुद बतावे।
अंतिम मुखड़ा
लठ गाड़ दिया मेरी जान,
पूरे राजस्थान में तेरी पहचान,
शिव री धरती की हो तुम शान,
दुनिया करे तुझे सलाम।
ओ डंकों… ओ डंकों…
बाजे रे रवसा भाटी को!
ओ डंकों… ओ डंकों…
बाजे रे रवसा भाटी को!