Back to home
From Whisper to Roar
Rock

From Whisper to Roar

Swati JoshiSwati Joshi
0 likes1 plays5:41
Style: guitar, drums, choir, powerful vocals, whisper, soft vocals
Learn to sing thisKaraoke with live pitch — get a score on every lineSing →

PRO & Creator Features

Unlock advanced AI features with Pro (Audio2Audio, Voice Clone, Photo Covers, LoRA) or Creator (Variations, Edit Sections, Stem Separation).

Audio2Audio Remix

Pro & Creator

Voice Clone

Pro & Creator

Create Variations

Creator only

Edit Sections

Creator only

Stem Separation

Creator only

Lyrics

▶ Play this song to follow along.

राधे तेरे संग

[Chorus]

राधे तेरे संग, साँवरिया का रंग,

प्रेम की ये डोरी, जोड़े हर इक अंग।

बंसी की धुन बजे, मन झूमे आज,

राधा के संग क्रिष्ण, प्रेम का है राज।

राधे... राधे... राधे नाम प्यारा,

क्रिष्ण के दिल में बसता, तेरा ही नज़ारा।

राधे... राधे... प्रेम की है बात,

तेरे बिना साँवरिया, अधूरी हर रात।

[Verse 1]

यमुना के किनारे, चाँदनी रात थी,

हवा में घुली जैसे प्रेम की बात थी।

कदंब की छाँव में, मिलते थे दो दिल,

राधा की मुस्कान से, खिल उठता था तिल-तिल।

क्रिष्ण की वो बंसी, जब धीरे से बजे,

राधा के कदम फिर, खुद-ब-खुद वहाँ चले।

न कोई वादा था, न कोई सवाल,

फिर भी दोनों दिलों में, प्रेम था बेमिसाल।

[Chorus]

राधे तेरे संग, साँवरिया का रंग,

प्रेम की ये डोरी, जोड़े हर इक अंग।

बंसी की धुन बजे, मन झूमे आज,

राधा के संग क्रिष्ण, प्रेम का है राज।

[Verse 2]

मोर मुकुट सिर पे, अधरों पे मुस्कान,

क्रिष्ण के नाम से धड़के, राधा का अरमान।

राधा की आँखों में, क्रिष्ण का संसार,

दोनों के प्रेम जैसा, ना कोई दूसरा प्यार।

दूर रहें फिर भी, दिल पास-पास हैं,

प्रेम के इस रिश्ते में, दोनों खास-खास हैं।

राधा है भक्ति, क्रिष्ण हैं विश्वास,

इन दोनों के मिलन से, महके हर एहसास।

[Verse 3]

बरसाने की गलियों में, गूँजे प्रेम का नाम,

व्रिंदावन की मिट्टी में, बसता घनश्याम।

फूलों की खुशबू बोले, राधे-राधे आज,

हर धड़कन में सुनाई दे, क्रिष्ण की मधुर आवाज़।

मन मेरा भी खो जाए, उस प्रेम की राह,

राधा-क्रिष्ण का नाम ही, बन जाए मेरी चाह।

दुनिया चाहे कुछ भी कहे, दिल माने ये बात,

सच्चे प्रेम की खुशबू, रहती सदा साथ।

ब्रिज:

ना दूरी रोक सके, ना समय मिटा सके,

राधा-क्रिष्ण का प्रेम, कोई ना भुला सके।

जहाँ प्रेम सच्चा हो, वहाँ क्रिष्ण मिलें,

राधा के नाम से ही, दिल के दीप जलें।

[Verse 4]

साँझ ढले जब व्रिंदावन, दीपों से सज जाए,

क्रिष्ण की बंसी सुनकर, मन भी मुस्काए।

राधे का नाम लेकर, आँखें हो जाएँ नम,

प्रेम की इस दुनिया में, बस तू ही तू हरदम।

राधा तेरी भक्ति में, मन मेरा रंग जाए,

क्रिष्ण तेरे चरणों में, हर सपना मिल जाए।

जीवन की हर राह पर, तेरा रहे हाथ,

राधे-क्रिष्ण के नाम से, सुंदर हो हर रात।

अंतिम मुखड़ा:

राधे तेरे संग, साँवरिया का रंग,

प्रेम की ये डोरी, जोड़े हर इक अंग।

बंसी की धुन बजे, मन झूमे आज,

राधा के संग क्रिष्ण, प्रेम का है राज।

राधे... राधे... नाम रहे जुबान,

क्रिष्ण... क्रिष्ण... बस यही अरमान।

राधे... राधे... दिल की हर बात,

राधा-क्रिष्ण के प्रेम में, बीते मेरी हर रात।

समाप्त

Comments(0)

Sign in to join the conversation.

No comments yet. Be the first to comment!