
Sunrise Choir of Joy
PRO & Creator Features
Unlock advanced AI features with Pro (Audio2Audio, Voice Clone, Photo Covers, LoRA) or Creator (Variations, Edit Sections, Stem Separation).
Audio2Audio Remix
Pro & Creator
Voice Clone
Pro & Creator
Create Variations
Creator only
Edit Sections
Creator only
Stem Separation
Creator only
Lyrics
▶ Play this song to follow along.
एक, दो, तीन, चार, पाँच!
खरगोशों के संग है नाच!
कूदो-कूदो, आओ भाई,
मस्ती वाली धूम मचाई!
ला ला ला...
हा हा हा...
[Verse 1]
एक नन्हा खरगोश आया,
कूद-कूदकर गीत सुनाया!
फुदक-फुदक वो आगे जाए,
बगीचे में गाजर पाए!
...
एक नन्हा खरगोश आया,
कूद-कूदकर गीत सुनाया!
फुदक-फुदक वो आगे जाए,
बगीचे में गाजर पाए!
गाजर मिली — वाह-वाह-वाह!
खरगोश बोला — हा हा हा!
तभी पीछे दोस्त पुकारे,
“मेरे लिए भी थोड़ा प्यारे!”
खरगोश बोला —
“आओ दोस्त, तुम भी खाओ,
मिल-बाँटकर खुशियाँ पाओ!”
आओ-आओ, साथ में खाओ,
मिल-बाँटकर खुशियाँ पाओ!
एक, दो, तीन, चार, पाँच!
खरगोशों के संग है नाच!
दो नन्हे खरगोश आए,
लाल-सी गेंद साथ में लाए!
एक ने गेंद ऊपर फेंकी —
ऊँची गई!
दूजे ने पकड़ी —
नीचे गई!
धप्प-धप्प! गेंद उछली,
दोनों हँसे — हा हा हा!
एक बोला, “पहले मेरी!”
दूजा बोला, “बारी तेरी!”
फिर दोनों ने खेल बनाया,
एक-दूजे को मौका दिया!
एक तुम्हारी, एक हमारी,
दोस्ती है सबसे प्यारी!
कूदो-कूदो, खेलो भाई,
मिलकर खेलो, करो न लड़ाई!
तीन खरगोश जंगल गए,
रंग-बिरंगी तितली देखे!
पीली तितली — फुर्र-फुर्र-फुर्र!
नीली तितली — फुर्र-फुर्र-फुर्र!
गुलाबी तितली — फुर्र-फुर्र-फुर्र!
तीनों उसके पीछे भागे,
कूदे, दौड़े, आगे भागे!
अरे! एक खरगोश फिसल गया —
धप्प!
उसका पैर थोड़ा दुखा!
दोस्तों ने हाथ बढ़ाया,
प्यार से उसको उठाया।
एक बोला —
“डरना नहीं!”
दूजा बोला —
“हम हैं यहीं!”
तीनों बोले —
“दोस्ती में साथ निभाएँ,
गिरने वाले को उठाएँ!”
मदद करो, मदद करो,
मिलकर आगे बढ़ो!
एक, दो, तीन, चार, पाँच!
खरगोशों के संग है नाच!
चार खरगोश बाहर आए,
काले बादल घिरकर आए!
बादल बोले — गर्र-गर्र-गर्र!
बूँदें बोलीं — टप-टप-टप!
बारिश आई — छम-छम-छम!
पानी बोला — छप-छप-छप!
एक खरगोश छाता लाया,
छोटा-सा रंगीन छाता!
चारों बोले —
“जगह बनाओ,
आओ-आओ, पास में आओ!”
एक छाते के नीचे चार,
हँसते-हँसते चारों यार!
छाता छोटा, दिल बड़ा,
मिलकर रहना सबसे बड़ा!
टप-टप-टप!
छप-छप-छप!
हँसो-हँसो — हा हा हा!
पाँच खरगोश घर को आए,
दौड़-दौड़कर भूखे आए!
मेज पर देखा — वाह!
एक बड़ा-सा मीठा फल था!
एक बोला — “ये मेरा है!”
दूजा बोला — “मेरा है!”
तीजा बोला — “मुझे भी चाहिए!”
चौथा बोला — “थोड़ा मुझे!”
एक, दो, तीन, चार, पाँच!
खरगोशों के संग है नाच!
पाँचवाँ चुपचाप खड़ा रहा...
तभी दादी खरगोश आईं,
प्यारी-सी मुस्कान लाई।
दादी बोलीं:
“बच्चों, एक बात बताऊँ?
बाँटोगे तो खुशी पाओ!”
फल को पाँच हिस्सों में बाँटा,
सबने मिलकर फल को चाटा!
एक ने खाया — वाह-वाह!
दूजे ने खाया — हा हा हा!
तीजे ने कहा — “बहुत मज़ा!”
चौथे ने कहा — “फिर से ना!”
पाँचवाँ बोला —
“सबने मिलकर खाय