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Echoes of the Giant
Soul

Echoes of the Giant

Ankit RaoAnkit Rao
0 likes0 plays6:01
Style: Soulful vocals, male vocal, drums, epic, nostalgic
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Lyrics

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हूऽऽ...

मौला... मौला...

हक़... हक़...

इश्क़... इश्क़...

तेरे इश्क़ ने क्या कर डाला,

मैं था ख़ुद में, ख़ुद से मिला डाला...

हाय... क्या कर डाला...

हाय... क्या कर डाला...

जिसको ढूँढा दर-ब-दर मैंने,

वो मेरे दिल में था, बता डाला...

वो मेरे दिल में था...

वो मेरे दिल में था...

इश्क़ ने पर्दा उठा डाला,

इश्क़ ने रब से मिला डाला...

इश्क़ ने रब से मिला डाला...

क़व्वाल:

तेरी आँखों में जो नूर देखा,

दिल ने कहा—ये कौन है देखा?

हमनवा:

कौन है देखा?

कौन है देखा?

क़व्वाल:

चेहरा तेरा सामने था लेकिन,

उसमें मौला का नूर था देखा!

सभी:

वाह... वाह...

उसमें मौला का नूर था देखा!

क़व्वाल:

एक तरफ़ तू, एक तरफ़ दुनिया,

मैंने दुनिया को छोड़ दिया...

हमनवा:

छोड़ दिया... छोड़ दिया...

क़व्वाल:

तेरा नाम लिया जो साँसों में,

मैंने ख़ुद को ही छोड़ दिया!

सभी:

हाय... मैंने ख़ुद को ही छोड़ दिया!

तेरे इश्क़ ने क्या कर डाला,

मैं था ख़ुद में, ख़ुद से मिला डाला...

हमनवा:

हाय... क्या कर डाला!

क़व्वाल:

जिसको समझा था इश्क़ तेरा,

वो तो रब का रास्ता निकला!

हमनवा:

रास्ता निकला!

रास्ता निकला!

सभी:

इश्क़ ने रब से मिला डाला!

इश्क़ ने रब से मिला डाला!

क़व्वाल:

कहाँ है मौला?

हमनवा:

दिल में है मौला!

क़व्वाल:

कहाँ है नूर?

हमनवा:

इश्क़ में नूर!

क़व्वाल:

कहाँ है मंज़िल?

हमनवा:

तेरे ही दर पर!

क़व्वाल:

कौन है अपना?

हमनवा:

वो ही है अपना!

सभी:

जिसने दिल को इश्क़ दिया,

उसने ही तो रब से मिला दिया!

मैंने माँगा था तुझे दुनिया से,

तूने दुनिया ही भुला दी है,

मैंने सोचा था तू मेरा है,

तेरी याद ने ये समझा दी है—

तू मेरा भी नहीं,

तू पराया भी नहीं,

तू तो उस रब की निशानी है,

जिसे आँखों से देखा नहीं,

मगर दिल ने पहचानी है...

हमनवा:

हाय... दिल ने पहचानी है...

क़व्वाल:

अब न मंदिर, न मस्जिद पूछूँ,

अब न कोई राह जुदा है,

जिस दिल में सच्चा इश्क़ जगा हो,

उस दिल में ही रब बसा है!

सभी:

वाह मौला...

उस दिल में ही रब बसा है!

इश्क़... इश्क़... इश्क़...

तेरा इश्क़!

मौला... मौला... मौला...

मेरा मौला!

तू ही आशिक़, तू ही महबूब,

तू ही सजदा, तू ही काबा,

तू ही आँसू, तू ही हँसी है,

तू ही मेरा रब का दर है!

हमनवा:

तू ही है... तू ही है...

क़व्वाल:

मैं मिट जाऊँ तो क्या ग़म है,

तेरा नाम रहे तो काफ़ी है!

सभी:

इश्क़ में जो ख़ुद को खो दे,

उसकी जीत ही सबसे बाक़ी है!

तेरे इश्क़ ने क्या कर डाला...

मैं था ख़ुद में, ख़ुद से मिला डाला...

जिसको ढूँढा उम्र भर मैंने,

वो मेरे दिल में ही था...

हमनवा:

मौला... मौला...

क़व्वाल:

वो मेरे दिल में ही था...

सभी:

इश्क़ ने पर्दा उठा डाला...

इश्क़ ने रब से मिला डाला...

हूऽऽऽ... मौला...

हक़... हक़... हक़...

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