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Meri Pyari Rakhi Raat
Acoustic

Meri Pyari Rakhi Raat

Lucii LiciiLucii Licii
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Style: संगीत का मूड: मीठा प्रेमगीत, भावुक लेकिन गरिमापूर्ण आवाज़: मुलायम पुरुष स्वर, साफ़ उच्चारण, हल्की साँस वाली गायकी राग का रंग: राग यमन का भाव — कोमल, प्रेमपूर्ण और रात जैसा मधुर ताल: धीमी दादरा (6 मात्रा), बाद में मुखड़े में थोड़ा खुलाव वाद्य: बाँसुरी, संतूर, हल्की तबला/ढोलक, acoustic guitar, soft strings और बहुत हल्का bass गायकी: मुखड़ा बहुत नरम, “मेरी प्यारी राखी…” पर आवाज़ थोड़ी खुली और भावुक; अंतिम “4” वाले मुखड़े को लंबा और ऊँचा भाव देकर समाप्त करना।, male vocal
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Lyrics

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मेरी प्यारी राखी तेरी कोमल नयन कहीं मुझे ओझल हो ना जाए । दो

दिल यह कहे तुम दिल मे हीं रह लो , कुछ भी कहो बस सुनता रहूं।

तुमसे यह दिल को मांगे पवन कहीं नजरे ना तेरी हट जाए।

मेरी प्यारी राखी तेरी कोमल नयन कहीं मुझे ओझल हो ना जाए । दो

सोच रखा था मैं कहने को तुमसे,दो

साथ रहेंगे हम हर पल ऐसे ,दो

जैसे सर्प लिपटे चंदन बदन ऐसे पवन लिपट रहे जाय।

मेरी प्यारी राखी तेरी कोमल नया ना कहीं मुझे ओझल हो ना जाए ।दो

चेहरा देखी देखी दिल हरसाये ,

तुम ना दिखे तो नया ना भर जाए ,दो

रहे पवन नहीं तेरे बिना तेरी नजरे कहां झुकी जाए ।

मेरी प्यारी राखी तेरी कोमल नयन कहीं मुझे ओझल हो ना जाए ।चार

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