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Static Hearts Align
Alternative Rock

Static Hearts Align

Sachin SharmaSachin Sharma
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Style: indie rock, guitar, drums, bass, 115 bpm, dreamy, authentic, lo-fi, introspective, Upbeat, duet, aggressive
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Lyrics

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माटी का शेर — किसान

[Intro]

माटी की खुशबू साँसां में,

हाथां में मेहनत की लकीर,

धूप में तप कै खड़ा रहै,

यो किसान सै माटी का शेर।

[मुखड़ा / Hook]

किसान म्हारा शेर सै, खेतां का राजा सै,

पसीने की बूंद-बूंद में, धरती का ताज सै।

हल चालै हाथां में, आँख्यां में अरमान,

म्हारी धरती बोलै आज—

राम-राम किसान! राम-राम किसान!

[Verse 1]

सुबह तड़के उठ कै खेतां की ओर चालै,

सूरज तै पहले यो धरती नै संभालै।

कदे धूप सतावै, कदे बरखा ना आवै,

फिर भी म्हारा किसान पीछे ना हट पावै।

कच्चे रस्ते, पक्के इरादे,

दिल में राखै बड़े वादे,

अपणी मेहनत तै उगावै दाना,

इब दुनिया खावै म्हारे खेत का खाना।

[Hook]

किसान म्हारा शेर सै, खेतां का राजा सै,

पसीने की बूंद-बूंद में, धरती का ताज सै।

हल चालै हाथां में, आँख्यां में अरमान,

म्हारी धरती बोलै आज—

राम-राम किसान! राम-राम किसान!

[Verse 2]

मिट्टी तै रिश्ता, मिट्टी तै प्यार,

खेतां में देखै अपना संसार।

ट्रैक्टर की गड़गड़, बाजरे की बाल,

किसान की मेहनत—सब तै कमाल।

किसी तै ना मांगे यो झूठी शान,

मेहनत नै मानै अपना सम्मान।

फसल खड़ी होवै जब लहराती,

किसान की आँख्यां में खुशी मुस्काती।

[Powerful Bridge]

जिस दिन किसान रुक जावै,

सोच ले दुनिया क्या खावै?

जिस हाथ नै धरती सजाई,

उस हाथ की कीमत समझ भाई!

[Final Hook – DJ Style]

ओ हो… किसान!

माटी का शेर—किसान!

मेहनत की पहचान—किसान!

धरती की आन—किसान!

हल की धार तै लिख्या इतिहास,

किसान सै म्हारे देश की आस!

[Outro]

माटी माथे का तिलक सै,

पसीना इसका हार,

किसान खड़ा रहै जब तक—

खुशहाल रहै संसार।

राम-राम किसान…

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