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Neon Static
Atmospheric

Neon Static

Prithvi Raj RanjanPrithvi Raj Ranjan
0 likes1 plays5:24
Style: alternative rock, guitar, synth, drums, 125 bpm, atmospheric, moody, textured, female vocal

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Lyrics

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बहुत समय पहले की बात है।

यमुना नदी के किनारे एक बहुत ही सुंदर गाँव था। उस गाँव का नाम था गोकुल।

गोकुल में चारों तरफ हरियाली थी। पेड़ों पर रंग-बिरंगे पक्षी चहचहाते थे। सुबह होते ही गायों की घंटियों की मीठी आवाज सुनाई देती थी। गाँव के छोटे-छोटे घरों से रसोई की खुशबू आती थी और पूरा गोकुल खुशी से भर जाता था।

इसी प्यारे से गोकुल में नन्हे क्रिष्ण रहते थे।

क्रिष्ण बहुत ही प्यारे और चंचल बालक थे। उनके चेहरे पर हमेशा एक सुंदर मुस्कान रहती थी। उनके सिर पर घुँघराले बाल थे और उन बालों में एक सुंदर सा मोरपंख लगा रहता था।

क्रिष्ण को अपने दोस्तों के साथ खेलना बहुत पसंद था।

कभी वह गायों के पीछे-पीछे दौड़ते, कभी दोस्तों के साथ जंगल में चले जाते और कभी यमुना नदी के किनारे बैठकर पानी की लहरों को देखते।

लेकिन क्रिष्ण को सबसे ज्यादा पसंद था...

माखन!

जब भी क्रिष्ण को कहीं माखन दिखाई देता, उनकी आँखों में चमक आ जाती।

एक सुबह क्रिष्ण अपनी माँ यशोदा के घर के आँगन में खेल रहे थे।

तभी हवा के साथ माखन की बहुत ही प्यारी खुशबू उनके पास आई।

क्रिष्ण ने अपनी नन्ही नाक से खुशबू सूँघी और मुस्कुराकर बोले,

“अरे वाह! यह तो माखन की खुशबू है!”

क्रिष्ण धीरे-धीरे उस खुशबू के पीछे चलने लगे।

उन्होंने रसोई में देखा।

एक तरफ दूध के बर्तन रखे थे।

दूसरी तरफ दही की मटकी थी।

और थोड़ी दूर पर एक बड़ी सी मटकी रखी थी।

क्रिष्ण ने ऊपर देखा और उनकी आँखें चमक उठीं।

उस मटकी में खूब सारा सफेद और मलाईदार माखन भरा हुआ था।

क्रिष्ण मुस्कुराए।

उन्होंने मन ही मन सोचा,

“आज तो थोड़ा सा माखन जरूर खाना है!”

लेकिन मटकी बहुत ऊँचाई पर रखी थी।

क्रिष्ण ने एक बार हाथ ऊपर करके देखा।

मटकी तक उनका हाथ नहीं पहुँचा।

उन्होंने थोड़ा उछलकर देखा।

फिर भी मटकी बहुत दूर थी।

क्रिष्ण कुछ देर सोचते रहे।

फिर उनके चेहरे पर शरारत भरी मुस्कान आ गई।

उन्हें एक तरकीब सूझ गई।

उन्होंने अपने दोस्तों को बुलाने का फैसला किया।

और धीरे से बोले,

“दोस्तों! जल्दी आओ... आज हमें एक जरूरी काम करना है!”

— Version एक

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