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माहेरची माया
Folk

माहेरची माया

P
Prashant Baban Bhurse
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Lyrics

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[Intro] (हो... हो...)

रातों की चादर तान के

चलते हैं हम अकेले

सपनों का शहर बसा

अपनी ही धुन में झुकेले

आँखों में उजास लिए

दिल में है अरमानों का दौर

हर पल है नया सफर

बस चलते जाएँ हर ओर

सपनों का शहर है ये

रोशनी से भरा हुआ

सपनों का शहर है ये

दिल का हर गम भुला हुआ

(सपनों का शहर...)

(हो... सपनों का शहर...)

हौसलों की बाहों में

है उड़ान का जज़्बा नया

मंज़िलों के पीछे हम

ढूँढ़े नया कोई रास्ता

हर मोड़ पे मिलते हैं

खुशियों के संग कई इशारे

बिखरी हुई राहों में

है चाँदनी के कई सितारे

सपनों का शहर है ये

रोशनी से भरा हुआ

सपनों का शहर है ये

दिल का हर गम भुला हुआ

(सपनों का शहर...)

(हो... सपनों का शहर...)

ऊँचाइयों को छू लें हम

आसमान को भी चूम लें

हर मुश्किल को हर बाधा को

अपने इरादों से झुका दें

सपनों की डोर थामे

है चलते सफ़र ये पूरा

हर पल में बसा है तू

तेरा ही है ये संसार

सपनों का शहर है ये

रोशनी से भरा हुआ

सपनों का शहर है ये

दिल का हर गम भुला हुआ

(सपनों का शहर...)

(हो... सपनों का शहर...)

(हो... हो... हो...)

(सपनों का शहर...)

(हो... सपनों का शहर...)

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