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naurang lal

Bhajan
श्याम की यारी
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Style: ## 🪕 भजन: श्याम की यारी (लेखक/भक्त: नौरंग लाल)
🎵 म्यूज़िक स्टाइल: इसे आधुनिक डीजे ढोल मिक्स (Folk-Pop Beat) या तेज केहरवा ताल पर गाएं। मुखड़े में पूरा हरियाणवी स्वैग और अंतरों में गहरा भाव होना चाहिए।, male vocal
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Lyrics
रै श्याम या यारी टूटै गी, फिर या दुनिया मनै कूटै गी।
जै नहीं लगाया हाथ तो, या नाव मेरी डूबै गी।
रै श्याम या यारी टूटै गी, जै नहीं लगाया हाथ नाव मेरी डूबै गी!
(यहाँ से भारी बेस और ढोल के साथ तेज म्यूज़िक शुरू होगा)
[Verse 1]
(जोश और कड़क आवाज़ में)
भरी सभा में कौरव सारे, द्रौपदी को सता रहे थे,
कोई ना आगे आया बचाने, सब तमाशा देख रहे थे।
तुमने बढ़ाया चीर कन्हाई, अब क्या लाज ये छूटै गी...
रै श्याम या यारी टूटै गी, फिर या दुनिया मनै कूटै गी।
[Verse 2]
(मीठे और भावुक स्वर में)
टूटे चावल लेकर सुदामा, जब पहुंचे तोरी नगरी,
दौड़ के तुमने गले लगाया, बदल दी उसकी गगरी।
तीन लोक की दौलत दे दी, अब क्या किस्मत रूठै गी...
रै श्याम या यारी टूटै गी, फिर या दुनिया मनै कूटै गी।
[Verse 3]
थाली भर के खीचड़ो लाई, कर्मा बाई भोली री,
परदा कर के जीम गए श्याम, खुशियों से भर दी झोली री।
मीरा का तुम जहर पी गए, ये लगन कभी न छूटै गी...
रै श्याम या यारी टूटै गी, फिर या दुनिया मनै कूटै गी।
[Verse 4]
(तेज रिदम के साथ)
नरसी का तुम भात भरने को, सांवरिया बन आए थे,
लाज रखी थी अपने जन की, छप्पन करोड़ लुटाए थे।
मेरी बारी क्यों देर लगाई, क्या सांस यहाँ ही टूटै गी...
रै श्याम या यारी टूटै गी, फिर या दुनिया मनै कूटै गी।
[समाप्ति / भोग]
(म्यूज़िक अपनी पूरी रफ्तार और जोश पर होगा)
हाथ जोड़ कर खड़ा द्वार पे, लाज बचाओ श्याम मेरी,
तेरे सिवा कोई और न मेरा, काटो संकट की ढेरी।
'नौरंग' की ये प्रीत सांवरिया, अब न कदे भी छूटै गी...
जै नहीं लगाया हाथ तो, या नाव मेरी डूबै गी!
रै श्याम या यारी टूटै गी, जै नहीं लगाया हाथ नाव मेरी डूबै गी!