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Mhari Bhakti Dhun
Devotional

Mhari Bhakti Dhun

Krishna SinghKrishna Singh
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Style: Natural traditional Marwari female bhajan vocal. Keep the original voice and emotion unchanged. Gentle pitch correction with warm earthy folk character. Clear natural Marwari pronunciation, soft devotional expression, subtle vocal texture, natural breathing and pauses. No robotic effect, no heavy autotune, no artificial harmonies. Keep the voice mature, rustic and emotionally expressive like a live Rajasthani folk bhajan performance.

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माजीसा जनम-दिवस

Final Professional Marwari Bhajan

ओ माजीसा...

मोतियां वाळी माजीसा...

जसोलगढ़ री राणी...

माय जी... म्हारी माजीसा...

जसोलगढ़ री धणी सा,

म्हारी माजीसा माँ...

थाने खम्मा घणी...

खम्मा घणी...

ओ माजीसा...

म्हारी अरज सुनजो...

माय जी...

भादवा री सातम आई,

माजीसा रो जनम-दिण आयो...

म्हारे हिवड़ै उमंग समाई,

बधावो रो दिन आयो...

मोतियां वाळी माजीसा,

थाने खम्मा घणी...

थारे चरणां शीश झुकावां,

म्हारी अरज सुनजो माजी...

ओ माय जी...

मोतियां वाळी माय जी...

जय माजीसा...

ढोल बाजै, थाळी बाजै,

मंजीरां री झंकार...

जसोलगढ़ री गली-गली में,

गूँजै थारो जयकार...

अरे माजीसा...

जय माजीसा...

भटियाणी माँ री जय...

जोगीदास जी रे आंगण में,

माजीसा जनम लियो...

भादवा री सातम शुभ घड़ी में,

मंगल दीप जळ्यो...

जसोलगढ़ रो धाम थारो,

महिमा जग में भारी...

म्हारे मन नै भावै माजी,

छबि थारी घणी प्यारी...

गले मोतियां री माळा सोहै,

माथै लाल चुनर प्यारी...

हाथां में चुड़लो झलके,

रूप थारो लागै न्यारी...

माजीसा रे दरबार में,

ज्योत जगै दिन-रात...

थारे नाम री छाँव मिलै तो,

मिट जावै मन री बात...

ओ माजीसा...

ओ माय जी...

म्हारी अरज सुनजो...

भादवा री सातम आई,

माजीसा रो जनम-दिण आयो...

जसोलगढ़ रो आंगण साज्यो,

घर-घर बधावो गायो...

मोतियां वाळी माजीसा,

थाने खम्मा घणी...

थारे चरणां शीश नवावां,

म्हारी अरज सुनजो माजी...

हां रे...

माय जी...

जय माजीसा...

लाल चुनरिया ओढ़ो माजी,

लाल घाघरो भारी...

माथै बोरलो दमकै माजी,

छबि लागै घणी प्यारी...

मोतियां री माळा झलके,

झलके रूप अपार...

थारो जनम-दिण आयो माजी,

जम्यो भक्तां रो दरबार...

फूलां री बरसात होवै,

दीप जळै चहुँ पास...

आज बधावो गावे भगता,

माय जी म्हारे पास...

ढोलक बाजै, खड़ताल बाजै,

मंजीरां री झंकार...

घूमर घालै भगतण सारी,

माजीसा रा दरबार...

अरे आवो रे...

घूमर घालो रे...

माय जी रा आंगण में,

मिलजुल बधावो गालो रे...

मोतियां वाळी माँ...

आज बधावो गालो रे...

माजीसा जनम लियो रे...

मंगल घड़ियाँ आई रे...

भादवा री सातम आई रे...

घर-घर खुशियाँ छाई रे...

ओ माय जी...

मोतियां वाळी माय जी...

जय माजीसा...

मिन्दर में अरज सुनावां,

माजीसा म्हारे आंगणे पधारो...

भगतां री लाज रखजो माजी,

मन रो काज सवारो...

सूनी गोद भरावण खातर,

माय थारी शरण में आवै...

ब्याव री आस मन में धरकै,

माजीसा ने ध्यावै...

कोई धन-दौलत माँगै,

कोई माँगै रोजी-रोट...

कोई सुख अर चैन माँगै,

कोई माँगै घर री ओट...

कोई लालो बेटो माँगै,

कोई माँगै संतान...

कोई सुखी परिवार माँगै,

कोई माँगै मान-सम्मान...

थारी चौखट आयो जिण,

खाली कदे न जावै...

सच्चे मन सूं नाम ध्यावै,

मन री मुराद पावै...

म्हारी झोळी थारे आगे,

माँ भर दे अरमान...

थारे चरणां री छाँव मिलै,

बस इतणो वरदान...

माय जी...

अरज म्हारी सुनजो...

मोतियां वाळी माजीसा...

खम्मा घणी...

बालक ज्यूँ लारै लाग्या,

माँ थारी शरण में आंवां...

दुख री घड़ी में नाम थारो,

हिवड़ै धीर बंधावां...

नैनां में जद नीर भरै,

नाम थारो मुख आवै...

माजीसा... माजीसा... बोलूं,

मन रो दुख मिट जावै...

म्हारी आस थूं, म्हारी सांस थूं,

थूं ही माँ रखवाळ...

थारे भरोसे छोड़्यो जीवन,

थूं ही करजै संभाळ...

माथै थारो हाथ रहै माँ,

डर काई रो माजीसा...

थारी किरपा साथ रहै तो,

हर घड़ी सुखदायी...

ओ माय जी...

ओ माजीसा...

म्हारी लाज रखजो...

ढोल बाजै धीरे-धीरे,

थाळी बाजै साथ...

मंजीरा री छन-छन बाजै,

जागी जसोल री रात...

अब ढोलक री चाल बढ़ै,

खड़ताल करे झंकार...

माजीसा रा जनम-दिण पर,

जम्यो भक्तां रो दरबार...

अरे घूमर घालो रे...

घूमर घालो रे...

माजीसा रा आंगण में,

मिलजुल घूमर घालो रे...

घूमर घालो रे...

घूमर घालो रे...

म्हारी मोतियां वाळी माँ,

आज बधावो गालो रे...

हां रे...

ओ हो...

माय जी...

आवो रे...

जय माजीसा!

जय माजीसा!

जय भटियाणी माँ!

खम्मा घणी!

खम्मा घणी!

थारो जनम-दिण आयो,

माजीसा म्हारी माँ...

घणी-घणी बधाई,

घणी-घणी बधाई...

भादवा री सातम आई,

बधावो रो दिन आयो...

जसोलगढ़ री धरती गूँजै,

माजीसा रो जयकार...

ढोल बाजै, थाळी बाजै,

नगाड़ो दे झंकार...

भक्तां री भीड़ उमड़ पड़ी,

माजीसा रा दरबार...

मोतियां वाळी माजीसा,

थाने खम्मा घणी...

थारे चरणां शीश नवावां,

म्हारी अरज सुनजो माजी...

खम्मा घणी!

खम्मा घणी!

म्हारी राणी माजीसा माँ...

खम्मा घणी!

जय माजीसा!

जय माजीसा!

जय भटियाणी माँ!

बोलो माजीसा री...

जय!

माजीसा...

माय जी...

थारे चरणां में शीश नवावां...

म्हारी झोळी थारे आगे...

थारो जनम-दिण आयो माँ,

घणी-घणी बधाई...

मोतियां वाळी माजीसा...

म्हारी अरज सुनजो...

खम्मा घणी...

खम्मा घणी...

जय माजीसा...

जय माजीसा...

जय भटियाणी माँ...

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