
Shyam Ki Pukar
PRO & Creator Features
Unlock advanced AI features with Pro (Audio2Audio, Voice Clone, Photo Covers, LoRA) or Creator (Variations, Edit Sections, Stem Separation).
Audio2Audio Remix
Pro & Creator
Voice Clone
Pro & Creator
Create Variations
Creator only
Edit Sections
Creator only
Stem Separation
Creator only
Lyrics
▶ Play this song to follow along.
मोरी अखियां तरस रहीं श्याम,
दरस बिन मोरी अखियां तरस रहीं श्याम।
सूने लागे गोकुल-मथुरा, सूना गोवरधन धाम,
दरस बिन मोरी अखियां तरस रहीं श्याम॥
मोर मुकुट मकराकृत कुंडल, घुंघराली अलकें।
देखत छबि मेरे नँदनंदन की, झपके ना पलकें।
सांवरी सुरतिया, मोहनी मूरतिया,
छवि पे मैं वारूँ कोटि काम।
दरस बिन मोरी अखियां तरस रहीं श्याम॥
दिन नहिं चैन, रैन नहिं निंदिया, पल-पल युग बीता।
विरह की अगन जलावे ऐसे, जैसे तपे सीता।
राधा-माधव रटते-रटते,
बिसर गयो घर-बार ओ काम।
दरस बिन मोरी अखियां तरस रहीं श्याम॥
मैं मति-मंद अनाथ अकिंचन, तुम करुणा सागर।
शरण पड़ी हूँ द्वार तिहारे, हे नटवर नागर।
'दास' की नैया भँवर फंसी है,
पार लगाओ थाम के बाम (बांह)।
दरस बिन मोरी अखियां तरस रहीं श्याम॥