Back to home
Flutefire Heart
Soul

Flutefire Heart

Syed FerozSyed Feroz
0 likes1 plays4:37
Style: Electronic beats, Heavy bass, Soulful vocals, Energetic, male vocal, piano, drums, synth, flute, happy

PRO & Creator Features

Unlock advanced AI features with Pro (Audio2Audio, Voice Clone, Photo Covers, LoRA) or Creator (Variations, Edit Sections, Stem Separation).

Audio2Audio Remix

Pro & Creator

Voice Clone

Pro & Creator

Create Variations

Creator only

Edit Sections

Creator only

Stem Separation

Creator only

Lyrics

▶ Play this song to follow along.

हम्म… हम्म…

वो नब्बे के दिन…

वो अपने यार…

नब्बे का था प्यारा ज़माना,

दोस्ती ही अपना ख़ज़ाना।

ना फ़ोन की चिंता, ना दुनिया का डर,

यारों के साथ था अपना सफ़र।

टी-के स्टोर्स था अपना ठिकाना,

घंटों बैठना, हँसना-हँसाना।

जे-एन-सी के पास लगती थी महफ़िल,

छोटी-सी दुनिया, खुशियों से भरी।

फिर वही नब्बे के दिन लौट आएँ,

हम सारे यार फिर साथ मुस्कुराएँ।

वही पुरानी बातें, वही पुराना प्यार,

ज़िंदगी भर ना भूलेंगे अपने यार।

ओ मेरे यारों, याद है ना?

अपना वो प्यारा ज़माना।

वक़्त गुज़र गया, दुनिया बदल गई,

पर अपनी दोस्ती वहीं रह गई।

प्राइम टाइम में स्नूकर खेलना,

जीतना कम, बातें ज़्यादा करना।

किसकी बारी और किसका था शॉट,

हर एक शाम होती थी बहुत ख़ास।

कोरमंगला से निकलती थी सवारी,

साथ में अपनी टोली थी सारी।

ब्रिगेड रोड की चमकती रातें,

पब और क्लब, और हँसी की बातें।

फिर वही नब्बे के दिन लौट आएँ,

हम सारे यार फिर साथ मुस्कुराएँ।

वही पुरानी बातें, वही पुराना प्यार,

ज़िंदगी भर ना भूलेंगे अपने यार।

कभी किसी के घर होती थी पार्टी,

अपनी मस्ती सबसे थी निराली।

बैठकर गाने सुनते थे साथ,

पता नहीं चलता कब गुज़रती रात।

कोई गाता, कोई ताल बजाता,

कोई पुराने किस्सों पर हँसाता।

ना बड़ी उम्मीदें, ना बड़े अरमान,

दोस्त साथ थे, तो हम थे सुल्तान।

आज हम दूर हैं अपनी राहों में,

ज़िंदगी उलझी है कई कामों में।

लेकिन जब मिलते हैं अपने यार,

जवान हो जाता है दिल फिर एक बार।

साल बदल गए, हम भी बदल गए,

लेकिन दिल से कभी अलग ना हुए।

वही शरारत, वही मुस्कान,

अपनी दोस्ती ही अपनी पहचान।

फिर वही नब्बे के दिन याद आएँ,

टी-के स्टोर्स की शामें बुलाएँ।

जे-एन-सी, प्राइम टाइम, ब्रिगेड रोड,

हर मोड़ पर हैं यादों के निशान।

ओ मेरे यारों, याद है ना?

अपना वो प्यारा ज़माना।

चाहे कितनी दूर ले जाए संसार,

हमेशा साथ रहेंगे अपने यार।

वो नब्बे के दिन, वो नब्बे की रातें,

वो बेफ़िक्र हँसी, वो दिल की बातें।

वक़्त चला गया, यादें रह गईं,

अपने यारों की दोस्ती अमर हो गई।

हम्म… हम्म…

अपने यार…

हमेशा अपने यार…

Comments(0)

Sign in to join the conversation.

No comments yet. Be the first to comment!