
Pavan Sauvi Ghadi
PRO & Creator Features
Unlock advanced AI features with Pro (Audio2Audio, Voice Clone, Photo Covers, LoRA) or Creator (Variations, Edit Sections, Stem Separation).
Audio2Audio Remix
Pro & Creator
Voice Clone
Pro & Creator
Create Variations
Creator only
Edit Sections
Creator only
Stem Separation
Creator only
Lyrics
▶ Play this song to follow along.
सौ बरस पहले जो नूर इस जहाँ में आया था,
अपने साथ मोहब्बत और रहमत का सवेरा लाया था।
गुरु महाराज जी ने जब जग में कदम बढ़ाया था,
हर सूने दिल में प्रेम का दीप जलाया था।
जिसने भी उनके चरणों में अपना शीश झुकाया,
उनकी कृपा ने उसका जीवन धन्य बनाया।
भटकी हुई रूहों को सच्ची राह दिखाई,
दुख की घड़ियों में बनकर आस जगाई।
कितनी आँखें थीं जो चुपके-चुपके रोती थीं,
कितनी रूहें थीं जो तन्हाई में खोती थीं।
उनकी नज़र-ए-करम ने सब दर्द मिटा दिया,
बिखरे हुए दिलों को फिर से हँसा दिया।
सिमरन की खुशबू से महके हर एक साँस,
गुरु जी के प्रेम से रोशन हो हर एहसास।
उनका नाम ही सहारा, उनका नाम ही प्यार,
उनकी रहमत से चलता ये सारा संसार।
आज सौ बरस की पावन घड़ी आई है,
संगत के आँगन में खुशियाँ लाई है।
ढोल बजे, जयकारे गूँजें बारंबार,
मुबारक हो गुरु जी, सौवाँ जन्मदिन बारंबार!
सौ साल नहीं, ये सौ सालों की रहमत है,
हर दिल में गुरु जी की मोहब्बत की दौलत है।
यूँ ही बरसता रहे सतगुरु जी का प्यार,
हर जन्म मिले हमें आपका ही दरबार।
गुरु महाराज जी, बस इतनी अरदास रहे,
हर पल आपके चरणों में हमारा विश्वास रहे।
सौवें जन्मदिन पर झुके सबके शीश,
आपकी कृपा से पूरी हो हर दिल की आस।