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Untitled

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Alex KurilovAlex Kurilov
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Style: slow Hanuman Chalisa for deep sleep, 55–60 BPM, warm low Indian male devotional vocal, extremely gentle delivery, tanpura and soft shruti drone, minimal ambient background, no percussion, no choir, no dramatic rises, no cinematic elements, continuous soothing nighttime atmosphere, clear Hindi pronunciation, consistent volume, peaceful and protective mood

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Lyrics

श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मन मुकुर सुधारि बरनऊं रघुबर बिमल जसु जो दायक फल चारि बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरों पवन कुमार बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं हरहु कलेस विकार जय हनुमान ज्ञान गुन सागर जय कपीस तिहूं लोक उजागर रामदूत अतुलित बल धामा अंजनि पुत्र पवनसुत नामा महाबीर विक्रम बजरंगी कुमति निवार सुमति के संगी कंचन बरन विराज सुबेसा कानन कुण्डल कुंचित केसा हाथ वज्र औ ध्वजा विराजै कांधे मूंज जनेऊ साजै शंकर सुवन केसरी नंदन तेज प्रताप महा जग वंदन विद्यावान गुनी अति चातुर राम काज करिबे को आतुर प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया राम लखन सीता मन बसिया सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा विकट रूप धरि लंक जरावा भीम रूप धरि असुर संहारे रामचन्द्र के काज संवारे लाय सजीवन लखन जियाए श्रीरघुबीर हरषि उर लाए रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई सहस बदन तुम्हरो जस गावैं अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा नारद शारद सहित अहीसा जम कुबेर दिगपाल जहां ते कवि कोविद कहि सके कहां ते तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा राम मिलाय राज पद दीन्हा तुम्हरो मंत्र विभीषण माना लंकेश्वर भए सब जग जाना जुग सहस्र जोजन पर भानू लील्यो ताहि मधुर फल जानू प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं जलधि लांघि गए अचरज नाहीं दुर्गम काज जगत के जेते सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते राम दुआरे तुम रखवारे होत न आज्ञा बिनु पैसारे सब सुख लहै तुम्हारी सरना तुम रक्षक काहू को डर ना आपन तेज संभारो आपै तीनों लोक हांक तें कांपै भूत पिशाच निकट नहिं आवै महाबीर जब नाम सुनावै नासै रोग हरै सब पीरा जपत निरंतर हनुमत बीरा संकट तें हनुमान छुड़ावै मन क्रम वचन ध्यान जो लावै सब पर राम तपस्वी राजा तिन के काज सकल तुम साजा और मनोरथ जो कोई लावै सोइ अमित जीवन फल पावै चारों जुग परताप तुम्हारा है परसिद्ध जगत उजियारा साधु संत के तुम रखवारे असुर निकंदन राम दुलारे अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता अस बर दीन जानकी माता राम रसायन तुम्हरे पासा सदा रहो रघुपति के दासा तुम्हरे भजन राम को पावै जनम जनम के दुख बिसरावै अंतकाल रघुबर पुर जाई जहां जन्म हरि भक्त कहाई और देवता चित्त न धरई हनुमत सेई सर्व सुख करई संकट कटै मिटै सब पीरा जो सुमिरै हनुमत बलबीरा जय जय जय हनुमान गोसाईं कृपा करहु गुरुदेव की नाईं जो सत बार पाठ कर कोई छूटहि बंदि महा सुख होई जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा होय सिद्धि साखी गौरीसा तुलसीदास सदा हरि चेरा कीजै नाथ हृदय महं डेरा पवनतनय संकट हरन मंगल मूरति रूप राम लखन सीता सहित हृदय बसहु सुर भूप

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