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Rudra Nyay
Sanskrit Chant

Rudra Nyay

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Lyrics

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(हो...)

सखा बने जो प्राणों सा

मित्र वही पहचान

जहाँ बुझे विश्वास सभी

वहाँ जले तूफ़ान

चार चिराग जले थे तब

रोशन थी हर शाम

हँसी, सपने, छोटी तस्वीर

हल्का था हर नाम

तारा की वो भोली हँसी

राहुल जैसा साथ

विक्की की बेपरवाह चाल

अर्जुन का सच्चा प्यार

रक्तम् रुद्रम् विनाशम्

(रुद्रम्, रुद्रम्)

न धर्मः न नियमः अब

केवल न्यायम्

अधर्म के अंत हेतु

रुद्र रूप जागे

ज्वाला बनकर उठे शपथ

न्याय की गर्जना जागे

फिर अँधेरा छा गया

सत्ता का मद आया

मासूमों के रक्त पर

कानून भी झुक पाया

विक्की धूल में सो गया

तारा की टूटी साँस

राहुल का बिखरा जीवन

टूटी हर इक आस

ज़िंदा दर्द बना अर्जुन

सूख गए सब आँसू

अब शोक नहीं अब मौन नहीं

बस प्रतिशोध की धुन

रक्तम् रुद्रम् विनाशम्

(रुद्रम्, रुद्रम्)

न धर्मः न नियमः अब

केवल न्यायम्

अधर्म के अंत हेतु

रुद्र रूप जागे

ज्वाला बनकर उठे शपथ

न्याय की गर्जना जागे

चेहरे पर लाल आवरण

नीली आँख अंगार

लोहे की गूँज उठी जब

काँपा झूठा दरबार

ना कोई दया ना विराम

सिर्फ प्रतिशोध का नाद

रक्तम् रुद्रम् विनाशम्

(विनाशम्, विनाशम्)

न धर्मः न नियमः अब

(केवल न्यायम्)

अधर्म के अंत हेतु

रुद्र रूप जागे

ज्वाला बनकर उठे शपथ

न्याय की गर्जना जागे

पाप का अंत हो गया

न्याय की हुई जीत

पहाड़ी पर लाल दुपट्टा

बोले शीतल प्रीत

तारा तेरा वचन पूर्ण

अब शांत हुआ प्राण

(हो...)

अमर रहे वह रक्षक नाम

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