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أثر لا يرحل
Romantic

أثر لا يرحل

Touati RabahTouati Rabah
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Lyrics

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(हो...)

तेरा नाम दिल में आया

लब तक आकर रुक सा गया

फ़ोन खुला फिर बंद हुआ

जैसे दिल खुद डर सा गया

मैंने तुझको यूँ ही देखा

बिन वजह हर चीज़ में

ठंडी होती उस कॉफ़ी में

लंबी चुप हर शाम में

तेरी आहट उस रस्ते में

जहाँ से गुज़रा दिल अकेला

तुझे कैसे भुला दूँ

तू हर ख़ामोशी में है

मैं आज भी तुझे देखूँ

(तू यहीं, तू यहीं)

मेरे हर अधूरे दिन में है

तेरी चुप भी बोलती थी

तेरी हँसी में थकन थी

तेरे लफ़्ज़ों के पीछे भी

एक छुपी हुई धड़कन थी

तू सबमें होकर भी तन्हा

ये बात मुझे दिखती थी

तुझे कैसे भुला दूँ

तू हर ख़ामोशी में है

मैं आज भी तुझे देखूँ

(तू यहीं, तू यहीं)

मेरे हर अधूरे दिन में है

कहना था बस इतना तुझसे

मेरे सामने थक सकता है

(चुप रह, चुप रह)

तू जैसा है वैसा अच्छा है

तुझे कैसे भुला दूँ

तू हर ख़ामोशी में है

मैं आज भी तुझे देखूँ

(तू यहीं, तू यहीं)

मेरे हर अधूरे दिन में है

तेरा नाम हर सन्नाटे में

मेरा राज़ हर नग़मे में

(तू यहीं, तू यहीं)

तेरा जाना भी ठहरा है

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