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महुआ की महक
Folk

महुआ की महक

A
Avinash Kumar
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Lyrics

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(हो...)

महक रही महुआ की खुशबू

बहती नदिया की ये धार

जय हो सुंदर छत्तीसगढ़ ये

महानदी शिवनाथ यहाँ

जीवन का अम्रित लाती हैं

अरपा पैरी की धारा

जन-जन का मन हरषाती हैं

हरे-भरे जंगल पर्वत

सुंदर झरने गूंज रहे

बस्तर सरगुजा के वन

खुशियों में सब झूम रहे

महक रही महुआ की खुशबू

(महुआ की खुशबू)

जय छत्तीसगढ़ धान का कटोरा

जहाँ बसता भोला प्यार

(जय जोहार, जय जोहार)

करमा ददरिया सुआ में

थिरक उठता सारा मन

राउत नाचा की धुन पर

झूम उठता सारा तन

तीजा पोरहा हरेली में

मिलकर सब त्योहार मनाएँ

जात-पात के भेद भुलाकर

हर दिल में खुशियाँ फैलाएँ

महक रही महुआ की खुशबू

(महुआ की खुशबू)

जय छत्तीसगढ़ धान का कटोरा

जहाँ बसता भोला प्यार

(जय जोहार, जय जोहार)

सीधे-साधे लोग यहाँ के

मन में कोई कपट नहीं

गले मिलकर जय जोहार कहें

सबका मान घटत नहीं

महक रही महुआ की खुशबू

(महुआ की खुशबू)

जय छत्तीसगढ़ धान का कटोरा

जहाँ बसता भोला प्यार

(जय छत्तीसगढ़, जय जोहार)

इस पावन माटी को वंदन

गाते हम सब इसके गीत

जय छत्तीसगढ़ जय जोहार

(जय जोहार... जय जोहार...)

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