
Andhera Udaan
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Lyrics
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कहते हैं...
हर कहानी में एक ऐसा दौर आता है,
जहाँ इंसान के पास
खोने के लिए कुछ नहीं बचता।
मेरे लिए...
वही दौर शुरुआत था।
शहर की रोशनी में चेहरा मेरा खोया था,
हज़ारों के बीच भी दिल मेरा अकेला था।
हाथों में कुछ नहीं, आँखों में एक मंज़र,
मैं ढूँढ रहा था खुद को, दुनिया के अंदर।
कुछ फैसले गलत थे, कुछ रास्ते अजनबी,
कुछ लोग पास थे, मगर नीयत थी अजनबी।
हर मोड़ पे जिंदगी ने सवाल रख दिया,
मैंने हर बार अपना जवाब खुद लिख दिया।
समय ने छीना बहुत, मगर एक चीज़ बची—
मेरे अंदर जलती वो आखिरी रोशनी।
जब सबने कहा, “अब कहानी खत्म समझ,”
दिल ने कहा—“नहीं... अभी बाकी है ये जंग।”
मैंने रात को करीब से देखा है,
सुबह का मतलब तभी समझा है।
जो टूटकर भी सांस लेता रहे,
वही असल में जिंदगी जीता है।
जब पर्दा उठेगा, कहानी बदलेगी,
खामोश दुनिया मेरी आवाज़ सुनेगी।
आज मैं छुपा हूँ इन अंधेरों के बीच,
कल मेरी रोशनी हर तरफ दिखेगी।
मैं गिरा था—ये सच है,
मगर रुका नहीं।
वक्त ने मोड़ा बहुत,
मगर मैं झुका नहीं।
एक तरफ ख्वाब थे, दूसरी तरफ हालात,
बीच में खड़ा था मैं लेकर खुद का साथ।
कभी जेब ने रोका, कभी किस्मत ने टोका,
फिर भी दिल ने अपना दरवाज़ा नहीं रोका।
मैंने खाली कमरों में आवाज़ें सुनीं,
अपने ही सवालों से रातें बुनीं।
जिसे दुनिया ने कमजोरी का नाम दिया,
मैंने उसी दर्द को अपनी कलम बना लिया।
मेरे कदमों के नीचे जो धूल थी कभी,
वही आज मेरी पहचान की मिट्टी बनी।
मैंने रास्ते नहीं माँगे किसी के सामने,
पत्थरों से रास्ता बनाया अपने हाथों से।
अगर कल फिर अंधेरा होगा,
मैं खुद चाँद बन जाऊँगा।
अगर रास्ता खो गया,
मैं निशान बन जाऊँगा।
जो सपना दिल में दफन था,
उसे फिर आवाज़ दूँगा...
मैं खुद को फिर से
एक मौका दूँगा।
अब कहानी सिर्फ मेरी नहीं रही,
हर उस इंसान की है जो चुपचाप सही।
जिसे दुनिया ने कभी मौका नहीं दिया,
जिसने गिरकर भी खुद को खत्म नहीं किया।
मैं ताज लेने नहीं निकला,
मैं अपनी पहचान लेने निकला हूँ।
जो वक्त मुझसे छीन लिया गया था,
मैं वही वक्त वापस लेने निकला हूँ।
अब फैसला होगा काम के मैदान में,
ना कि लोगों की बनाई जुबान में।
मेरा कल मेरी गवाही देगा,
हर कदम मेरा इतिहास लिखेगा।
और जिस दिन ये सफर मुकम्मल होगा,
ना कोई शिकवा होगा, ना कोई डर होगा।
मैं पीछे मुड़कर बस इतना कहूँगा—
“अच्छा हुआ... मैंने खुद को छोड़ा नहीं।”
जब पर्दा उठेगा, कहानी बदलेगी,
खामोश दुनिया मेरी आवाज़ सुनेगी।
जिसे समझा था सबने एक खत्म हुआ किस्सा,
वही कहानी एक दिन मिसाल बनेगी।
मैं गिरा था—ये सच है,
मगर रुका नहीं।
दुनिया ने मोड़ा बहुत,
मगर मैं झुका नहीं।
आज मेरी आँखों में जो आग दिख रही है,
वो सिर्फ जीत की चाह नहीं...
वो उन सारी रातों का जवाब है,
जिन्होंने मुझे सोने नहीं दिया।
हर कहानी का अंत होता है...
लेकिन मेरी कहानी में—
अंत नहीं...
एक नया अध्याय है।