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Thunder Beneath
Alternative Rock

Thunder Beneath

Neha Mishra RajNeha Mishra Raj
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Style: Heavy bass, male vocal, guitar, epic

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हालाहल पीते, बाबा,

कितने सुंदर…

देख रहे हो?

चंद्र माँग

सर पे सवार,

जैसे ब्रह्मांड का शिष्टाचार।

तुम देख रहे हो?

ये काल रूप

मेरे महादेव के,

क्या तुम भेंट रहे हो?

सारी सृष्टि का यही सार,

दृष्टि, जीवन, ज्योति

का भेद।

सब संधि,

और सब अनुच्छेद,

सब तत्व और गति-वेद।

स्वामी, तुम देख रहे हो?

अंतस में उनके प्राण पले,

मेरे प्रभु के नैनों से

कुछ न छुपे…

वो शक्ति शिव की,

शिव ही रहे,

शिव नाम रहे,

और कुछ न बचे…

उन्नत, विशाल,

कल्पना के पार,

जो गहरा है

और उथला है,

जो सारी ये गणना है…

सुनो…

ये प्रभु की कोई चर्चा है।

देखो ये श्रृंगार,

ये नए रूप-प्रकार,

जटा में आकाश गंगा का उपहार।

प्रिय, तुम देख रहे हो?

मेरे महादेव की करुणा-कार्य,

न्याय-लोचन मेरे भोलेनाथ,

पार्वती का स्वयं संसार,

पति-धर्म का यही सत्य भाष्य।

यही तो संझ रहे हो?

भृकुटि पर छाया जिसके,

मेरा मन रम आया उसी द्वार।

प्रिय, तुम देख रहे हो?

आओ चलते हैं ऐसे ही कहीं,

जब मन-मर्म में शिव ही बसे।

चलो साथ चलें,

चलो साथ चलें,

शिव नाम कहें,

सुनते ही रहें…

मात्र एक नाम,

जो मोक्ष समान,

शिव के प्रकाश में मोक्षदान।

आओ, प्रिय,

शिव शिव ही कहें।

शिव नाम सुनें,

शिव नाम कहें,

हम शिव में रहें,

शिव हम में रहें।

शिव शून्य साधें,

शून्य शिव साजे,

साजे शिव नाम,

शिव नाम रहे…

और हम न रहें,

और हम भी रहें…

तब शिव ही रहे।

शिव साध्य की साधना,

प्राण, आत्मा…

जब प्राण रहें,

तो शिव ही कहें।

जो आत्मा ही बचे,

शिव चरणों में रहे…!

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