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Warm Lantern Road
Acoustic

Warm Lantern Road

R
Rahul
0 likes1 plays5:55
Style: folk, acoustic guitar, vocals, harmonica, 95 bpm, storytelling, authentic, warm

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Lyrics

बाबा गुलाब गिरी जी [Intro – धीमी, भावुक आवाज़] ओ म्हारा बाबा… ओ गुलाब गिरी बाबा… थारी चौखट पे आयो हूँ… खाली झोली ल्यायो हूँ… बस थारो नाम सहारो बाबा… [मुखड़ा – धीमा और दर्द भरा] हो… बाबा मान रखज्यो, थारे दर पे खड़ा भगत… हो… बाबा मान रखज्यो, थारे दर पे खड़ा भगत… म्हारी लाज बचाज्यो बाबा, थारे भरोसे आयो… गुलाब गिरी तपधारी बाबा, थारे चरणां में सिर नवायो… [अंतरा 1 – भावपूर्ण] अब तो खोलो पर्दो बाबा, दर्शन दे दो आज… थारी बाट निहारै भगतड़ो, लेकर दिल में आस… थारी चौखट माथो टेक्यो, नैना भर आया नीर… थारी कृपा पड़ै जद बाबा, कट जावै दुख पीर… हो… बाबा मान रखज्यो, थारे दर पे खड़ा भगत… हो… बाबा मान रखज्यो, थारी शरण में आयो भगत… [अंतरा 2 – मोरछड़ी के साथ लय बढ़े] मोरछड़ी रो झाड़ो दे दो, म्हारी नैया तारो बाबा… भंवर बीच में अटक्यो जीवन, बनके खेवट पार लगाओ बाबा… थारी मोरछड़ी की छाया, ठंडी करे कलेजो… जिस माथे पे हाथ धरोगे, मिट जावै दुख सगळो… गुलाब गिरी दीनदयाला, थारो नाम अनमोल… थारे चरणां में मिल जावै, म्हारे मन रो मोल… [मुखड़ा – समूह के साथ] हो… बाबा मान रखज्यो, थारे दर पे खड़ा भगत… हो… बाबा मान रखज्यो, थारे दर पे खड़ा भगत… [अंतरा 3 – धूनी और भभूती, बहुत भावुक] थारी धूनी री भभूती बाबा, माथे आज लगादो… मन में जमे अंधेरो सगळो, इक पल में मिटादो… भभूती रो इक कण बाबा, भाग म्हारो जगा दे… भटको पड़्यो हूँ राहां में, चरणां में बसा ले… ना जाने कित पाप कमाया, ना जाने कित भूल… थारी दया पड़ै जद बाबा, सब हो जावै धूल… [Bridge – सिर्फ हारमोनियम + सारंगी/बांसुरी] ओ बाबा… म्हारी अरज सुन ल्यो… म्हारी लाज रख ल्यो… म्हारो हाथ पकड़ ल्यो बाबा… चरणां सूं दूर मत करज्यो… [अंतरा 4 – सबसे ज्यादा दिल छूने वाला] ना धन माँगूँ, ना मैं दौलत, ना माँगूँ संसार… बस थारी भक्ति दे दिज्यो, बस थारो दरबार… सुख में थारो नाम जपूँ मैं, दुख में थाने ध्याऊँ… आँख खुलै तो थारो चेहरो, आँख मूंद थाने पाऊँ… थारो नाम ही साँस म्हारी, थारो नाम आधार… गुलाब गिरी बाबा दीनदयाला, राखो म्हारी लाज अपार… [मुखड़ा – धीरे से शुरू, फिर जोरदार] हो… बाबा मान रखज्यो, थारे दर पे खड़ा भगत… हो… बाबा मान रखज्यो, थारे दर पे खड़ा भगत… थारी चौखट छोड़ूँ कैसे, थारो ही विश्वास… गुलाब गिरी बाबा थारे बिना, कुण सुनसी म्हारी अरदास… [अंतिम भाग – ढोलक, नगाड़ा, खड़ताल और समूह गायन] मोरछड़ी रो झाड़ो दे दो, नैया पार लगाओ… गुलाब गिरी तपधारी बाबा, अपनी शरण लगाओ… धूनी री भभूती दे दो, मन रो मैल मिटाओ… थारे चरणां में जगह दे बाबा, म्हारो जीवन सफल बनाओ… [जयकारा – सामूहिक, ऊर्जावान] गुलाब गिरी बाबा की… जय! जय! जय! तपधारी बाबा की… जय! जय! जय! मोरछड़ी वाले बाबा की… जय! जय! जय! गुलाब गिरी बाबा की… जय! जय! जय! [Final Chorus – बहुत ऊँचा और भावुक] हो… बाबा मान रखज्यो, थारे दर पे खड़ा भगत… हो… बाबा मान रखज्यो, थारे दर पे खड़ा भगत… थारी शरण में आयो बाबा, अब थारे हाथ म्हारी लाज… गुलाब गिरी तपधारी बाबा… राखज्यो म्हारी लाज… 🙏 [Outro – धीमा] ओ… गुलाब गिरी बाबा… थारे चरणां में शीश… थारो नाम जपत-जपत… म्हारी कट जावै पीर…

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