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Manwa Me Paap
Folk

Manwa Me Paap

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Prince
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Lyrics

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[Intro]

(हो...)

भाई से भाई क्यों रूठा

गाँव में कैसा साया

रोज नया झगड़ा उठता

मन समझे ना माया

[Verse]

चार जन बैठें चौपाल

औरत पर उठे सवाल

किसका बेटा किसकी बेटी

ज़हर बने हर बात

घर में रोष ही पलता

मन में छिपा है पाप

मुँह पे मीठी सी बोली

पीछे केवल अभिशाप

[Chorus]

काहे इतना ज़हर उगेला

काहे मन अँधियार भरेला

अपने ही दिल को क्यूँ जलाए

(काहे रे, काहे रे)

दूजे के दुख में सुख ना पाले

[Verse]

अपनों को ठोकर मारें

दूजों के पाँव सहलाएँ

अपने घर की हँसी भूले

बाहर माला जप जाएँ

मंदिर मस्जिद जाते

पर मन साफ़ न होए

साथ चले बस दिखावे

भीतर प्रेम न सोए

[Chorus]

काहे इतना ज़हर उगेला

काहे मन अँधियार भरेला

सच के बिना सब सूना लगे

(सुन ले रे, सुन ले रे)

दूजे के दुख में सुख ना पाले

[Bridge]

रोटी बाँटो, नेह बढ़ाओ

टूटा नाता फिर जुड़ाओ

नफ़रत छोड़ो प्रेम जगाओ

[Chorus]

काहे इतना ज़हर उगेला

काहे मन अँधियार भरेला

अपने ही दिल को क्यूँ जलाए

(काहे रे, काहे रे)

दूजे के दुख में सुख ना पाले

[Outro]

भाई से भाई फिर जुड़ जा

मन से काला धुआँ हटा

(हो... प्रेम जगा...)

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