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Soul
Midnight Mercy
S
SHYAM LAL DIKSHIT0 likes0 plays0:39
Style: Heavy bass, Soulful vocals, Melodic, rap, male vocal, piano, drums, bass, flute, sad, dark, peaceful, chill
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Lyrics
[इंट्रो]
मेरी रातों में चाँद है, मगर चाँदनी कम है,
दिल में तेरी याद है, मगर तेरा भरम है।
फ़ासले हैं दरमियाँ, फिर भी एहसास पास है,
जिसे भूलना था उम्र भर, वही दिल की आवाज़ है।
नींद आँखों से रूठी, ख़्वाब जागते रहे,
हम तुझे भूलने की कोशिश में और याद आते रहे।
वक़्त मरहम था मगर ज़ख़्म गहरा रह गया,
तू कहानी से गई, पर किस्सा ठहरा रह गया।
[वर्स 1]
मेरे पास कुछ नहीं, बस तेरी यादों का शहर,
हर गली में तेरा ज़िक्र, हर मोड़ पर तेरा असर।
मैंने चाहा था मिटा दूँ तेरा नाम अपनी किताब से,
पर हर पन्ना भर गया तेरे ही एहसास से।
मेरी तक़दीर ने कैसी ये लकीरें खींच दीं,
दिल ने समझाने की सारी तरकीबें सींच दीं।
मैंने सोचा था कि अब ख़ुद को संभाल लूँगा,
तेरी तस्वीर जली तो ख़ुद भी जल जाऊँगा।
तू गई तो मौसमों का रंग बदलने लगा,
सूखा हुआ दिल भी तेरे नाम पे जलने लगा।
लोग कहते रहे, “भूल जा, ये बस एक कहानी थी,”
उन्हें क्या पता, वो मेरी पूरी ज़िंदगानी थी।
मैंने हर ख़्वाब में तेरा ही चेहरा रखा,
हर दुआ में तेरे लौटने का पहरा रखा।
तू मिली तो लगा मुक़द्दर मेहरबान है,
तू गई तो लगा ये दिल ही वीरान है।
[प्री-हुक]
कभी सोचूँ, कहाँ गलती हुई दरमियाँ,
कभी सोचूँ, क्यों बदली हमारी दास्ताँ।
अगर प्यार कम था तो आँखें क्यों नम थीं?
अगर जाना था, फिर मुलाक़ातें क्यों कम थीं?
[हुक]
तू मेरी आस थी, मेरी प्यास थी,
मेरी ख़ामोश धड़कनों की आवाज़ थी।
दूर होकर भी दिल के पास रही,
अधूरी होकर भी मेरी ख़ास रही।
मैंने भुलाना चाहा, मगर भूल ना पाया,
तेरा नाम मिटाया, मगर दिल से ना मिटाया।
रास्ते बदल गए, मौसम बदल गए,
हम जहाँ मिले थे, वहीं दिल के पल रह गए।
[वर्स 2]
रात के सन्नाटे में जब हवा चलती है,
तेरी याद अचानक सीने में पलती है।
खिड़की से चाँद देखूँ, तो चेहरा याद आए,
कोई पुराना गीत बजे, तो किस्सा याद आए।
जुगनू चमकें तो लगे कोई पैग़ाम है,
सितारों की भीड़ में तेरा ही नाम है।
चाँद ने भी देखा होगा तेरी आँखों का नूर,
इसीलिए वो रात भर रहता है इतना मशहूर।
तेरी हँसी में जैसे सावन की बरसात थी,
तेरी ख़ामोशी में भी कोई मीठी बात थी।
तेरे साथ चलना जैसे मंज़िल मिल जाना,
तेरे बिना चलना जैसे ख़ुद से दूर हो जाना।
जाने कितने सवाल आज भी दिल में पड़े हैं,
कुछ जवाब तेरी आँखों के पीछे खड़े हैं।
क्या मैं बस एक मुसाफ़िर था तेरी राहों में?
या कोई हिस्सा था तेरी भी पनाहों में?
वफ़ा की थी अगर, निभाने में क्या जाता?
मेरा हाथ पकड़कर ज़माना भी क्या कर पाता?
दिल दिया था तो संभालना भी आता,
तोड़ना ही था तो फिर इतना करीब क्यों लाता?
[हुक]
तू मेरी आस थी, मेरी प्यास थी,
मेरी ख़ामोश धड़कनों की आवाज़ थी।
दूर होकर भी दिल के पास रही,
अधूरी होकर भी मेरी ख़ास रही।
मैंने भुलाना चाहा, मगर भूल ना पाया,
तेरा नाम मिटाया, मगर दिल से ना मिटाया।
रास्ते बदल गए, मौसम बदल गए,
हम जहाँ मिले थे, वहीं दिल के पल रह गए।
[वर्स 3 — फास्ट फ्लो]
जिन दोस्तों से तेरी ख़ातिर मैं लड़ता रहा,
उनकी नज़रों से आज ख़ुद को पढ़ता रहा।
कल तक तेरे नाम का फ़ख़्र था सीने में,
आज वही नाम चुभता है ज़मीं और ज़ीने में।
मैंने रिश्ते बचाए, मगर ख़ुद को खो दिया,
जिसे अपना समझा उसी ने मुझे रो दिया।
अब हिसाब नहीं रखता किसने क्या दिया,
दिल ने जो सहा, उसी को मैंने गीत किया।
आसमान बदला, बादल भी बरसने लगे,
मेरे दर्द को देखकर तारे भी तरसने लगे।
रात गहरी हुई, शहर सोता रहा,
मैं तेरी यादों के साथ पूरी रात रोता रहा।
मैं गिरा तो ज़मीन ने उठाया नहीं,
मैं जला तो किसी ने बुझाया नहीं।
तू गई तो वक़्त भी थम-सा गया,
मैं हँसना चाहता था, चेहरा नम-सा गया।
अब ना शिकवा है, ना कोई सवाल है,
जो था कभी मेरा, आज किसी और का ख़याल है।
मैंने किस्मत समझकर फ़ैसला मान लिया,
जिसे रोकना था, उसी को जाने दिया।
[ब्रिज]
मेरा दिल कहीं खोया है, ढूँढने दे,
जो दर्द छुपा है उसे आज गाने दे।
मैं टूटा हूँ मगर बिखरा नहीं,
मैं हारा हूँ मगर मरा नहीं।
जो ख़्वाब थे, उन्हें राख नहीं होने दूँगा,
जो बचा हूँ, उसे ख़ाक नहीं होने दूँगा।
तेरी याद रहेगी मगर ज़ंजीर नहीं,
मोहब्बत रहेगी मगर तक़दीर नहीं।
[वर्स 4]
अब मैं ख़ुद से भी बातें किया करता हूँ,
अपने ज़ख़्मों को धीरे-धीरे सिया करता हूँ।
जो कल तक तेरे लौटने की राह देखता था,
आज अपने आने वाले कल को देखता हूँ।
तू मेरी कहानी का आख़िरी पन्ना नहीं,
तू मेरी ज़िंदगी का पूरा किस्सा नहीं।
एक अध्याय था, ख़ूबसूरत मगर अधूरा,
जिसने मुझे सिखाया कि मैं ख़ुद भी हूँ पूरा।
अब नई सुबहों से रिश्ता बनाऊँगा,
गिरे हुए सपनों को फिर सजाऊँगा।
जिस दिल ने तेरे लिए धड़कना सीखा,
उसी दिल को अब ख़ुद के लिए रखना सीखा।
[फाइनल हुक]
तू मेरी आस थी, मेरी प्यास थी,
मेरी ख़ामोश धड़कनों की आवाज़ थी।
अब याद बनकर दिल में पास रहेगी,
मेरी कहानी में एक एहसास रहेगी।
मैंने भुलाना चाहा, मगर भूल ना पाया,
पर तेरे जाने के बाद ख़ुद को फिर पाया।
रास्ते बदल गए, मंज़िलें बदल गईं,
कुछ पुरानी यादें थीं, वो भी संभल गईं।
अब तेरे बिना भी ये सफ़र जारी है,
टूटी हुई रातों के बाद सुबह हमारी है।
जो खो गया उसका अफ़सोस रहेगा,
जो बच गया वही मेरा ख़ास रहेगा।
[आउट्रो]
अगर कभी मेरा नाम तेरे सामने आए,
कोई पुराना गीत तुझे मेरी याद दिलाए,
तो मुस्कुरा देना, कोई गिला मत करना,
जो था ख़ूबसूरत था, उसे बदनाम मत करना।
मैं भी तेरी राह में दुआ छोड़ जाऊँगा,
अपने हिस्से का दर्द गीतों में गाऊँगा।
तू अपनी दुनिया में आबाद रहना,
मैं अपनी दुनिया में आज़ाद रहूँगा।
कहानी अधूरी थी, मगर बेकार नहीं,
मोहब्बत सच्ची थी, मगर मेरा अधिकार नहीं।
जो मिला वो याद, जो गया वो सबक,
अब मेरी ज़िंदगी का हर क़दम मेरा हक़।
मेरे पास अब मेरी साँसें हैं,
मेरे साथ मेरे ख़्वाब और मेरी आसें हैं।
तेरी याद रहेगी, मगर दर्द नहीं,
मेरी कहानी रुकेगी अब किसी मोड़ पर नहीं।