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Asim Srivastav

Indian Classical
Shant Raag
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Style: indian classical, sitar, tabla, tanpura, raaga, meditative, traditional, male vocal, choir, peaceful
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Lyrics
Chorus
ओ भोले शंकर, भोलेनाथ,
रहना हरदम हमारे साथ।
जीवन में चाहें सुख हो या दुख,
तुम हर पल रखना सिर पर हाथ॥
Verse 1
हैं शंकर जी मेरे मन में समाए
शाँत स्वरुप बैठे ध्यान रमाए
उलझी जटाओं से गंगाजी प्रवाहें
जो सूखी धरा की प्यास बुझाएं
मुख पर त्रिपुंड्र तिलक सुहाए
चंद्रशेखर प्रशस्त ललाट दमकाए
गले में रुद्राक्ष करें वो वासुकी को धारण
नहीं आवश्यक उन्हें और कोई आभूषण
तन पर भस्म पहने बाघ चर्म वस्त्र
एक हाथ में डमरू दूजे में त्रिशूल शस्त्र
साधारण रूप पर हैं अति सुंदर
इनकी छवि बसी मेरे मन के अंदर
Chorus
ओ भोले शंकर, भोलेनाथ,
रहना हरदम हमारे साथ।
जीवन में चाहें सुख हो या दुख,
तुम हर पल रखना सिर पर हाथ॥
Verse 2
माँ पार्वती स्कन्द गणपति रहते पास
नंदी और गणों संग करते कैलाश पर निवास।
इन्हें रिझाने को चाहिए केवल बेलपत्र और जल की धारा,
तुरंत प्रसन्न हो जाएं अगर सच्चे मन से इन्हें कोई पुकारा
दीन दुखियों के हैं ये रखवाले,
संकट हरते पल में सारे॥
जो दुर्बल हों, भूल करें, माया में हों भरमाए।
उनको भी भोलेनाथ क्षमा कर सहजता से अपनाते
Chorus
ओ भोले शंकर, भोलेनाथ,
रहना हरदम हमारे साथ।
जीवन में चाहें सुख हो या दुख,
तुम हर पल रखना सिर पर हाथ॥