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Moonlit Heartstrings
Singer-Songwriter

Moonlit Heartstrings

JONA VERONIKAJONA VERONIKA
0 likes1 plays7:26
Style: female vocal, piano, guitar, happy, sad, romantic, flute, violin, peaceful, epic

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Lyrics

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ना जाने किस दुआ का तू जवाब है,

या खुदा की लिखी कोई खुली किताब है।

चाँद भी तुझे देख कर शर्मा सा जाए,

रात की हर रोशनी तेरा नाम गुनगुनाए।

फूलों ने शायद तुझसे रंग मांगे होंगे,

बादल ने तेरे बालों से साये मांगे होंगे।

हवा ने तेरी खुशबू को अपनी दुआ बनाया,

और मौसम ने तुझे देख मुस्कुराना सीखा।

खुदा ने जब तुझे बनाया होगा...

एक पल के लिए वह भी रुक गया होगा...

और मुस्कुरा के खुद से बोला होगा—

"आज मैंने मोहब्बत को एक चेहरा दिया है..."

तेरी हर एक बात,

जैसे मंदिर की कोई आरती...

तेरी हर एक हँसी,

मेरी साँसों की ज़िम्मेदारी...

Asmii...

तू मेरी दुआओं का सबसे खूबसूरत नाम है...

Ashu...

तू मेरी हर सुबह का पहला सलाम है...

चाँद भी तेरे सामने

बस एक अधूरी सी रोशनी लगे...

खुदा भी कहे—

*"कैसे बना दिया मैंने...

इतना हसीन किसी को..."*

**Asmii...

Ashu...**

तू मेरी दुनिया...

तू ही मेरा जहाँ...

तेरी आँखों में जाने कितनी बारिश रहती है,

फिर भी उनमें एक सुकून सी बसती है।

जब भी मैं उन आँखों में देखती हूँ...

मेरे सारे तूफान...

खुद ही किनारे लग जाते हैं।

जैसे किसी ने

मेरे दिल के सारे ज़ख्मों पर

चाँदनी रख दी हो...

और दर्द ने

पहली बार...

मुस्कुराना सीख लिया हो...

तेरी आँखें...

सिर्फ खूबसूरत नहीं...

वह मेरी थकान का घर हैं...

मेरी बेचैनी की दवा हैं...

मेरी हर अधूरी दुआ का जवाब हैं...

तेरी हँसी...

जैसे पहली बारिश की बूँदें

सूखी मिट्टी को छू लेती हैं...

जैसे सूरज

सुबह को पहली बार

आसमान से मिलता है...

जैसे तितलियाँ

फूलों से बातें करती हैं...

मैं सच कहती हूँ...

तेरी एक मुस्कान...

मेरा पूरा दिन ठीक कर देती है...

और मुझे लगता है...

ज़िंदगी...

इतनी भी बुरी नहीं थी।

कभी सोचा है...

चाँद रोज़ क्यों निकलता है?

शायद...

तेरा चेहरा देखने की आदत उसे भी लग गई है।

हवा इतनी धीरे क्यों चलती है?

शायद...

वह भी तेरे पास ज़्यादा देर रुकना चाहती है।

बारिश इतनी प्यारी क्यों लगती है?

क्योंकि...

उसकी हर बूँद में

तेरी यादों की आवाज़ होती है।

और खुदा...

खुदा भी कभी कभी

तुझे देखकर सोचता होगा—

*"इंसान बनाया था...

या अपनी सबसे प्यारी नज़्म..."*

Asmii...

तेरे बिना मेरी कहानी अधूरी सी लगे...

Ashu...

हर खुशी भी थोड़ी कम si लगे...

मौसम तेरा नाम लिखे...

बारिश तेरा गीत कहे...

और मैं...

हर दुआ में

बस तुझे ही मांगू...

क्योंकि...

I love you...

इतना...

जितना शायद लफ़्ज़ कभी कह ही न पाएं...

बस...

अब कुछ ही दिन और हैं...

फिर शायद...

यह रोज़ की मुलाक़ातें

यादों में बदल जाएँगी।

ना वह corridor...

ना वह छोटी सी बातें...

ना वह एक दूसरे को देखकर

चुपके से मुस्कुराना...

पता नहीं...

फिर कब मिलेंगे...

लेकिन एक बात का वादा है...

जब भी मैं तुझे मिलने आऊंगी...

वह दिन...

मेरे लिए किसी Eid...

किसी Christmas...

किसी Diwali से कम नहीं होगा...

हर मुल

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