Back to home
Raag Ki Roshni
Indian Classical

Raag Ki Roshni

Wasim IsrarWasim Israr
0 likes1 plays3:00
Style: indian classical, sitar, tabla, tanpura, raaga, meditative, traditional, , hindi, bollywood, clear hindi vocals

PRO & Creator Features

Unlock advanced AI features with Pro (Audio2Audio, Voice Clone, Photo Covers, LoRA) or Creator (Variations, Edit Sections, Stem Separation).

Audio2Audio Remix

Pro & Creator

Voice Clone

Pro & Creator

Create Variations

Creator only

Edit Sections

Creator only

Stem Separation

Creator only

Lyrics

[Intro - Soft Harmonium & Dholak] (Instrumental - 8 seconds) [Chorus] ऊंची हवेली, पक्का मैदान, साहजूसर है म्हारी पहचान। रेतीली बाटां, सूरज की आग, पण म्हारा दिल ठंडा सा, भोळा सा राज। जहां बाजरा खड़कै, धरती गावै, साहजूसर के संग दिल लावै। तेतालीस सौ के संग एक दिल, ये है म्हारा साहजूसर, ये है म्हारी मंजिल। [Verse 1] सूरज निकलै खेतां के पीछे, काली भैंसां घूमै गली-गली झीछे। बाबोजी हाथ में लठ्ठा लैकर, चलै अकेला, दिल में हौसला राखै। चूल्हे पै चढ़ै म्हारी आई को दूध, खुशबू से भरै सारा मुहल्ला और रूद। पक्षी चीं-चीं करै पीपल की डार, बण जावै सुबह म्हारे साहजूसर की बहार। [Chorus - Repeat] [Verse 2] धूल भरी गलियां, टेढ़ी-मेढ़ी बाटां, घुटनों छिल जावे, पर मस्ती ना घटे। लुका-छिपी खेलै बच्चा झुंड के झुंड, पीछे दौड़ै कुत्ता, और बोलै भौं-भौं तूफान। गिल्ली-डंडा टप्पा, कंचे और रेत, हर खेल में दिखै साहजूसर का रंग रेत। शाम ढले जब थक जावै तन-मन, आई बुलावै "आ जा, खा जा, म्हारा बच्चा मन।" [Chorus - Repeat] [Verse 3] तीज-त्योहार पै सजै पूरा गाम, हिंडोला झूलै, और बनै धूम धाम। राखी होली दिवाली और रणबाई, हर दिन पै लागै साहजूसर की गवाई। चौपाल पै बैठै बूढ़े बोलै किस्से, शेखावाटी के राजा रै किस्से। छाछ ठंडी, राबड़ी मीठी, हर थाळी में लागै प्रेम की लीपा-पोती। [Verse 4] चाहे जावूं जयपुर या मुंबई सहर, पर हर रोज़ याद आवै म्हारा घर। चाहे कमावूं लाखों ढेरों नोट, साहजूसर बिना जीना है बेस्वाद ओट। पिन कोड 331001 याद राखै, चाहे दुनिया कितनी भी दूर डाकै। मन करै एक दिन घर लौट जाऊं, भैंसा को दूध फिर से मंगाऊं। [Bridge - Slower and Emotional] साहजूसर, तू माटी ही नहीं, तू तो म्हारी डगर पै बोई सी नींद नहीं। तेरी रेत में लिखी म्हारी कर्म कहानी, तू बिना अधूरी हर मुस्कुरानी। तेतालीस सौ बंदे एक परिवार, हर रोज़ नया प्यार, हर सांस में संस्कार। भले पढ़ाई-लिखाई में नंबर कम रैवें, पण दिल के ताखत पै साहजूसर बादशाह बनैवै। [Chorus - Repeat with more emotion] [Outro - Soft and Fading] साहजूसर... साहजूसर... तू है म्हारी पहचान... साहजूसर... साहजूसर... हमरा गीत हो गया पूरा, पण प्यार कभी ना होवै पूरा... साहजूसर... साहजूसर... (Fade out with harmonium and dholak)

Comments(0)

Sign in to join the conversation.

No comments yet. Be the first to comment!